नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच शनिवार को बातचीत का तीसरा दौर होने जा रहा है। कई दिनों से जारी वार्ता के बाद मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों पक्षों की इस अहम बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि सरकार CJP की तीन प्रमुख मांगों में से दो को मानने के लिए तैयार हो गई है, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी अंतिम फैसला बाकी है।
शुक्रवार को हुई दूसरे दौर की बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक होगी, जिसके बाद सरकार अपना अंतिम रुख स्पष्ट करेगी।
दूसरे दौर की बातचीत में सरकार का रुख पहले की तुलना में नरम दिखाई दिया। सरकार ने किसी मंत्री के आवास के बजाय कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक करने पर सहमति जताई और CJP की दो प्रमुख मांगों को स्वीकार करने का संकेत दिया।
इन मांगों में 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल लोगों के खिलाफ कोई FIR दर्ज न करने और परीक्षा विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल है।
हालांकि, CJP ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे महत्वपूर्ण मांग है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से सार्वजनिक माफी की मांग भी दोहराई है।
बैठक से पहले आशुतोष रांका ने कहा कि CJP सरकार से केवल “हां या ना” में जवाब चाहती है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाएगा या नहीं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बैठक शनिवार दोपहर करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच होने की संभावना है, हालांकि बैठक का स्थान अभी तय नहीं किया गया है।
अब सभी की निगाहें तीसरे दौर की बातचीत पर हैं, जहां यह तय हो सकता है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है या NEET पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन आगे और तेज होगा।
