गुवाहाटी : असम में बाढ़ का कहर अभी भी जारी है। राज्य में बाढ़ से दो और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। वहीं, आठ जिलों के करीब 2.12 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके सभी प्रकार के ऋणों की अदायगी पर छह महीने का मोराटोरियम (मोहलत) देने की घोषणा की है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र से राहत एवं पुनर्वास के लिए विशेष सहायता पैकेज की भी मांग की है।
अधिकारियों के अनुसार, शिवसागर जिले में दो लोगों की मौत के बाद इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 80 हो गई है। वर्तमान में गोलाघाट, शिवसागर, विश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (महानगर), जोरहाट, धेमाजी और नौगांव जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों के 21 राजस्व मंडलों के 437 गांव प्रभावित हुए हैं।
सबसे अधिक प्रभावित चराइदेव जिला है, जहां लगभग 80 हजार लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। शिवसागर में करीब 71 हजार और जोरहाट में लगभग 40 हजार लोग प्रभावित हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि बुधवार की तुलना में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार दर्ज किया गया है।
प्रशासन द्वारा चार जिलों में 112 राहत शिविर एवं राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 75,583 प्रभावित लोगों को आश्रय दिया गया है। राहत और बचाव कार्यों में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, पुलिस तथा अन्य नागरिक एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की विशेष बैठक में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के बाढ़ प्रभावित ऋणधारकों को राहत देने का फैसला लिया गया है। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) तथा अन्य वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों के सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को ऋण भुगतान में छह महीने की मोहलत दी जाएगी। साथ ही, जरूरत के अनुसार ऋण की अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम सात वर्ष तक किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के राहत एवं पुनर्वास के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम के समक्ष विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग रखी है। केंद्रीय टीम ने हाल ही में चार दिनों तक असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था।
