देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। रावत की ओर से इस्तीफे की पेशकश से संबंधित पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को प्राप्त हो गया है। रावत ने साफ कहा है कि आगामी चुनाव को लेकर प्रदेश में कांग्रेस की मुहिम पर उनकी वजह से किसी तरह की आंच न आए, इसलिए उन्होंने पार्टी को अपने दायित्व के बोझ से मुक्त करने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कर्मों की लड़ाई वह खुद लड़ेंगे और इसके लिए पार्टी को किसी तरह की परेशानी में नहीं डालना चाहते।
दरअसल, बीते दिनों पीएस चंदन जीना के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की पेशकश करने की बात कही थी। अब उनकी यह पेशकश औपचारिक रूप से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल तक पहुंच गई है। रावत के इस कदम के बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे से भी मुलाकात करेंगे रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य पद से इस्तीफे की पेशकश का पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भेज दिया है। इसके साथ ही वह जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर अपनी पेशकश उनके सामने भी रखेंगे। रावत ने कहा कि उनकी ओर से की गई यह पेशकश किसी को नाराज करने के उद्देश्य से नहीं है।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव को लेकर प्रदेश में कांग्रेस की मुहिम चल रही है और उनकी वजह से पार्टी के अभियान में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने पार्टी को अपने दायित्व से भारमुक्त करने की पेशकश की है।
रावत ने कहा कि जो भी कर्म होंगे, उनकी लड़ाई वह खुद लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में पार्टी को किसी तरह की परेशानी में नहीं डालना चाहते और इसी वजह से उन्होंने अपने पद से हटने की पेशकश की है।
गणेश गोदियाल ने इस्तीफे पर कही यह बात
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी हरीश रावत की इस्तीफे की पेशकश को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनका इस्तीफे की पेशकश से संबंधित पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है। हालांकि, गोदियाल ने कहा कि वर्तमान में रावत जिस पद पर हैं, उस पद पर रहते हुए उनसे पार्टी के लिए सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
गणेश गोदियाल के मुताबिक, उनके लिए हरीश रावत की इस्तीफे की पेशकश पर विचार करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि रावत पार्टी में पद पर रहते हुए भी भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान दे सकते हैं।
कांग्रेस में बढ़ी राजनीतिक हलचल
हरीश रावत की ओर से इस्तीफे की पेशकश ऐसे समय में सामने आई है, जब कांग्रेस आगामी चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत करने और अपनी राजनीतिक मुहिम को गति देने में जुटी है। रावत के इस कदम ने प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने फिलहाल उनके इस्तीफे की पेशकश को स्वीकार करने की स्थिति से इनकार किया है।
रावत की ओर से प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजे जाने के बाद अब सबकी नजर उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से होने वाली संभावित मुलाकात पर है। इस मुलाकात में वह राष्ट्रीय कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य पद से भी इस्तीफे की पेशकश करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस संगठन के स्तर पर इस मामले को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
