चमोली : देर रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन टीएचडीसी की विष्णुगाड–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के अंतर्गत बनाई जा रही सुरंग के भीतर काम के दौरान दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में लगभग 60 अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हो गए, जिनका उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार यह हादसा रात करीब 9:30 बजे उस समय हुआ, जब परियोजना की लगभग 13 किलोमीटर लंबी सुरंग में निर्माण कार्य जारी था। सुरंग के भीतर बड़ी मशीनों और टनल बोरिंग मशीन (TBM) के माध्यम से खुदाई का कार्य किया जा रहा था। मजदूरों और तकनीकी कर्मचारियों को सुरंग के अंदर लाने-ले जाने के लिए लोको ट्रेनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसी दौरान मजदूरों को ले जा रही दो लोको ट्रेनें अचानक आपस में टकरा गईं, जिससे सुरंग के भीतर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के वक्त सुरंग में 100 से अधिक लोग मौजूद थे। टक्कर के कारण कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें भी आई हैं।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को सभी घायलों को समुचित एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 42 घायलों का इलाज जिला अस्पताल गोपेश्वर में किया जा रहा है, जबकि 17 मजदूरों को विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और किसी के भी जान को खतरा नहीं है।
हादसे के बाद सुरंग के भीतर निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की टीम द्वारा घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे तकनीकी चूक या आपसी समन्वय की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
444 मेगावाट क्षमता वाली यह जलविद्युत परियोजना राज्य की महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। इस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और घटना की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
