ऋषिकेश के मनीराम मार्ग स्थित श्री दुर्गा शक्ति मंदिर में श्रीश्याम श्यामा मंडली की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित दिनेश सेमल्टी शास्त्री ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
पंडित शास्त्री ने कहा कि यदि मनुष्य भगवान राम को पाना चाहता है, तो यह केवल अनुराग और प्रेम के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने प्रभु श्रीराम के जन्म का सुंदर चित्रण करते हुए बताया कि जब भगवान राम ने दशरथ नंदन के रूप में माता कौशल्या की कोख से जन्म लिया, तो पूरे अयोध्या नगरी में आनंद और उल्लास छा गया। चारों ओर शहनाइयों की मधुर ध्वनि गूंज उठी और जन-जन हर्षित हो उठा।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं में ही उनके साम्यवादी चिंतन और कर्मशील स्वरूप के दर्शन होते हैं। बाल्यावस्था में उनकी लीलाएं इतनी अद्भुत थीं कि स्वयं देवता भी उनके दर्शन के लिए लालायित रहते थे। उन्होंने बताया कि भगवान शिव भी वीर हनुमान के साथ वेश बदलकर भगवान राम की बाल लीलाओं के दर्शन करने आए थे।
कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे। इस अवसर पर अंशु आहुजा, राजीव आहुजा, उमा शर्मा, ऋतु अरोड़ा, मधुलिका, एसके शर्मा, भावना, रीना, रंजना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
