अयोध्या : राम जन्मभूमि मंदिर में राम लल्ला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर पूरे देश में श्रद्धा और उत्सव का माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे भारतीय आस्था, संस्कृति और परंपराओं का अनुपम पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन करोड़ों राम भक्तों के विश्वास और सदियों पुराने संकल्प की पूर्ति का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संदेश में कहा कि अयोध्या की पवित्र धरती पर मनाई जा रही यह वर्षगांठ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। उन्होंने भगवान श्रीराम के चरणों में नमन करते हुए देश-विदेश में बसे सभी राम भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में धर्म ध्वज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में स्थापित किया गया यह ध्वज पहली बार राम लल्ला की प्रतिष्ठा की वर्षगांठ का साक्षी बन रहा है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया कि उन्हें इस पवित्र ध्वज की स्थापना में सहभागी बनने का अवसर प्राप्त हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा से वह सपना साकार हुआ, जिसे पीढ़ियों से राम भक्त अपने हृदय में संजोए हुए थे। आज राम लल्ला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं और अयोध्या एक बार फिर सनातन परंपराओं का केंद्र बनकर विश्व पटल पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है।
उन्होंने यह भी कामना की कि भगवान राम के आदर्श—सत्य, सेवा, त्याग और करुणा—देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन का मार्गदर्शन करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्हीं मूल्यों के आधार पर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
इधर, इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या पहुंचे। दोनों नेताओं ने राम जन्मभूमि मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रतिष्ठा द्वादशी के अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके साथ ही उन्होंने अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण किया और हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
राम जन्मभूमि परिसर में प्रतिष्ठा द्वादशी पटोत्सव के तहत विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। यज्ञ और हवन कार्यक्रमों के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तत्व कलश, तत्व होम, मन्यु सूक्त होम, राम तारक मंत्र होम सहित अनेक पवित्र क्रियाएं संपन्न हुईं। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा।
उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी 2024 को भव्य समारोह के बीच राम लल्ला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न हुए थे। उसी दिन से अयोध्या धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से एक नए युग में प्रवेश कर गई थी।
राम लल्ला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अयोध्या न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की जीवंत पहचान भी है।
