चम्पावत।
वर्षांत और नववर्ष के आगाज पर शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। नए वर्ष में प्रवेश के साथ ही 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरि के दर्शन किए। दिनभर संपूर्ण धाम क्षेत्र मां के जयकारों से गुंजायमान रहा और साल के पहले दिन दोपहर बाद तक भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
नववर्ष के स्वागत को लेकर बुधवार देर शाम से ही श्रद्धालुओं का धाम में पहुंचना शुरू हो गया था। रात 12 बजे के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ जाने पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह रोक लगाकर श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाया गया। मंदिर समिति और पुलिस टीम पूरे समय मुख्य मंदिर में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटी रही।
मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि मुख्य मंदिर में करीब 30 घंटे के भीतर 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। बुधवार रात आठ बजे से दर्शनार्थियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी, जो पहली जनवरी की शाम तक लगातार जारी रही। श्रद्धालुओं को रात 10 बजे तक दर्शन कराए गए।
उन्होंने बताया कि दो जनवरी से दर्शन व्यवस्था को फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। मुख्य मंदिर में मंदिर समिति के साथ काली मंदिर पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई केसी जोशी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। सीओ वंदना वर्मा ने बुधवार देर रात तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भैरव मंदिर की पार्किंग भर जाने पर वाहनों को चूका रोड पर पार्क कराया गया। पूरी रात अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
रेलवे स्टेशन और नगर क्षेत्र में गूंजे मां के जयकारे
नववर्ष के अवसर पर मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए श्रद्धालु ट्रेन, निजी वाहनों और पैदल डोलों के माध्यम से धाम की ओर बढ़ते रहे। रेलवे स्टेशन, शारदा घाट, बैराज मार्ग, नगर के मुख्य मार्गों और हाईवे पर दिनभर भक्ति का माहौल बना रहा। बुधवार सुबह से ही पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें श्रद्धालुओं से भरी रहीं, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डोलों के साथ श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
शारदा घाट पर मां के दर्शन के बाद स्नान करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से आए श्रद्धालु दल में शामिल दिव्या शर्मा, माही गुप्ता, यजुर्वेद शर्मा और माधुरी शर्मा ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार नववर्ष पर मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आ रहे हैं।
