अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका की नई रणनीति ने दुनिया भर की राजधानियों में हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसलों और बयानों के बाद वैश्विक कूटनीति एक बार फिर कठिन दौर में पहुंचती नजर आ रही है। मध्य पूर्व से लेकर एशिया और यूरोप तक, अमेरिकी रुख को लेकर सहयोगी देशों के साथ-साथ विरोधी खेमों में भी बेचैनी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब कूटनीतिक संतुलन के बजाय शक्ति प्रदर्शन की नीति को प्राथमिकता देता दिख रहा है। सीरिया में हालिया सैन्य कार्रवाई को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां आतंकवादी संगठनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के उद्देश्य से की गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक राजनीति में अमेरिका की निर्णायक भूमिका को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इस सख्त रुख से कई देशों में असंतोष भी बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उनका मानना है कि किसी भी तरह का टकराव पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अमेरिका अपनी नीति में नरमी लाता है या फिर वैश्विक राजनीति और ज्यादा तनावपूर्ण मोड़ की ओर बढ़ती है।
