देहरादून।
केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तराखंड के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होने जा रहा है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ा दी गई है, जिससे उत्तराखंड को इस वित्तीय वर्ष में 1841 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी।
अब राज्य को केंद्र सरकार से कुल 17,414 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह राशि 15,573 करोड़ रुपये थी। इससे पहले 15वें वित्त आयोग में केंद्रीय करों में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 1.118 प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर 16वें वित्त आयोग में 1.141 प्रतिशत कर दिया गया है।
सुदृढ़ आर्थिक प्रदर्शन से बढ़ी हिस्सेदारी
केंद्रीय करों के क्षैतिज हस्तांतरण में उत्तराखंड की हिस्सेदारी बढ़ने के पीछे राज्य का बेहतर आर्थिक प्रदर्शन, वनों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा प्रभावी जनसांख्यिकीय प्रबंधन प्रमुख कारण रहे हैं।
आधारभूत ढांचे को मिलेगी नई गति
केंद्र सरकार ने बजट में उत्तराखंड की प्राथमिकताओं और मांगों पर संज्ञान लेते हुए कई अहम प्रावधान किए हैं। पूंजी निवेश के लिए राज्यों को दी जाने वाली विशेष वित्तीय सहायता योजना और जल जीवन मिशन के विस्तार से राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिलेगी।
निवेश और विकास कार्यों को बढ़ावा
प्रदेश सरकार द्वारा निवेश के लिए विशेष वित्तीय सहायता योजना के विस्तार की मांग की गई थी, जिसे केंद्र ने स्वीकार कर बजट में प्रावधान बढ़ाया है। ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा से राज्य में विकास परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय विकेंद्रीकरण के तहत मिलने वाली यह अतिरिक्त राशि उत्तराखंड की विकास यात्रा को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
