मेघालय : पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट होने से कम से कम दस लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा जिले के मिसिंगेट–थांग्स्को इलाके में स्थित खदान में हुआ। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह खदान बेहद दूरदराज इलाके में स्थित है। अब तक वहां से चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक झुलसे हुए व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए शिलांग भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ-साथ दमकल और आपात सेवाओं की टीमें मौके पर रवाना की गईं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि विस्फोट के बाद जिस पहाड़ी में अवैध खनन किया जा रहा था, उसका एक हिस्सा धंस गया। इससे कई और खनिकों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खनन को लेकर पहले से ही गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। इसी थांग्स्को इलाके में 23 दिसंबर 2025 को भी एक अवैध खदान में डायनामाइट विस्फोट हुआ था, जिसमें दो खनिकों की मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने शुरुआती तौर पर विस्फोट की खबरों को निराधार बताया था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मेघालय हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया था।
इसके बाद राज्य में अवैध कोयला खनन और उसके परिवहन की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति, सेवानिवृत्त जज बीपी काटेकी की अध्यक्षता वाली समिति ने पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। मेघालय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया था।
गौरतलब है कि इससे पहले 14 जनवरी को असम के होजाई जिले में भी एक अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ था। उस घटना में जमुना मौदंगा निवासी 48 वर्षीय मौसाद अली की मौत हुई थी, जो उम्थे गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने उस हादसे की पुष्टि की थी और वह मामला भी जस्टिस काटेकी समिति की जांच के दायरे में आया था।
