देहरादून : बुधवार को आयोजित मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का समापन समारोह उत्साह, ऊर्जा और नई उम्मीदों के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह स्थल पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों की बड़ी संख्या मौजूद रही, जिससे पूरा वातावरण खेल भावना से सराबोर दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की युवा प्रतिभाओं में अपार क्षमता है और यदि उन्हें सही दिशा, संसाधन और अवसर मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सोच के साथ प्रदेश में नई खेल नीति लागू की गई है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि पहले खेल को केवल शौक के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब इसे करियर के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति दी जा रही है, ताकि वे आर्थिक असुरक्षा से मुक्त होकर अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
सीएम धामी ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त साधन है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रहकर खेलों की ओर आगे बढ़ें। राज्य सरकार का प्रयास है कि हर जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार हो और ग्रामीण क्षेत्रों तक खेल संसाधन पहुंचें।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। आधुनिक स्टेडियम, इंडोर हॉल, प्रशिक्षण केंद्र और खेल अकादमियों की स्थापना पर तेजी से कार्य हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े, बल्कि उत्तराखंड में ही विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं और खेल विभाग को मजबूत बनाया गया है।
समारोह के दौरान विजेता खिलाड़ियों के चेहरे पर गर्व और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी तैयारी, चुनौतियों और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार खिलाड़ियों के साथ हर कदम पर खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट संदेश दिया गया कि उत्तराखंड अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के लिए भी पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी जैसे आयोजन प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का संचार करते रहेंगे।
समापन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां तालियों की गूंज के बीच खिलाड़ियों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किए गए। यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता का समापन था, बल्कि उत्तराखंड में खेलों के नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी बन गया।
