देहरादून : ऐतिहासिक झंडा मेले के दूसरे दिन श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। सुबह से लेकर देर शाम तक दूर-दराज से आई संगतें दरबार साहिब में माथा टेकने पहुंचती रहीं और पूरा परिसर गुरु महाराज के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद संगतों ने झंडेजी की परिक्रमा कर मन्नतें मांगी और परिसर में दीप जलाकर गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।
सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर ठहरी संगतों का दरबार साहिब पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। श्रीमहंत ने संगतों को आशीर्वाद दिया और गुरु भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस दौरान पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा।
दरबार साहिब परिसर में इस बार छोटे लंगर के साथ-साथ फल के स्टाल भी लगाए गए थे, जिनसे श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। वहीं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और श्री महाकाल सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में लगभग 200 यूनिट रक्तदान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस सेवा कार्य में भाग लेकर मानव सेवा का संदेश दिया।
दिनभर दरबार साहिब परिसर में गुरु महिमा और भजनों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से गुरु की महिमा का गुणगान किया। “गुरु बिन घोर अंधेरा, गुरु से ही उजियारा”, “सतगुरु तेरी महिमा अपरम्पार” और “मेरे सतगुरु दाता मेहर कर दाता” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा और पूरा परिसर भक्ति रस में डूबा दिखाई दिया।
मेले के तीसरे दिन मंगलवार को दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज की अगुआई में नगर परिक्रमा निकाली जाएगी। मेला अधिकारी विजय गुलाटी के अनुसार सुबह साढ़े सात बजे दरबार साहिब परिसर से नगर परिक्रमा शुरू होगी, जो सहारनपुर चौक, कांवली रोड होते हुए एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बिंदाल पहुंचेगी। यहां संगत को चने और मुरमुरे का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके बाद यात्रा तिलक रोड, टैगोर विला, घंटाघर और पलटन बाजार से होते हुए लक्खीबाग पुलिस चौकी, रीठा मंडी और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बाम्बे बाग पहुंचेगी, जहां गन्ने का प्रसाद वितरित किया जाएगा। ब्रह्मलीन श्रीमहंत साहिबानों के समाधि स्थल पर माथा टेकने के बाद नगर परिक्रमा दोपहर करीब 12 बजे दरबार साहिब पहुंचकर समाप्त होगी।
इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु की शरण में आने से ही मनुष्य को सच्चे मार्ग का ज्ञान मिलता है। गुरु की वाणी अमृत के समान है, जो मानव जीवन को पवित्र और सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि भक्ति, सेवा और सत्कर्म ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु का स्मरण करता है, उस पर सद्गुरु की असीम कृपा बरसती है और उसका जीवन सुख, शांति और आध्यात्मिक आनंद से भर जाता है। उन्होंने संगतों को गुरु भक्ति, प्रेम, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि गुरु की कृपा से ही मनुष्य जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
