देहरादून : ऑल इंडिया कंज्यूमर एंड इन्वेस्टर वेलफेयर ट्रस्ट (AICIWT) ने विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का मंच-संचालन डॉ. संजय कुमार अग्रवाल (महासचिव, AICIWT) ने किया। मुख्य अतिथि हिमालयन ड्रग कंपनी के चेयरमैन डॉ. एस. फारूख रहे, जिन्हें प्रो. आई.पी. पांडेय ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रिगेडियर के.जी. बेल ने की, जबकि संचालन एवं आभार ज्ञापन श्रीमती करुणा ओबेरॉय ने किया।
डॉ. फारूख ने अपने संबोधन में कहा कि उत्पादों की कीमतें कच्चे माल से नहीं, बल्कि अनुपालन लागत, रिपोर्टिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बढ़ते बोझ से बढ़ रही हैं। उन्होंने उपभोक्ता हित में नीति-स्तर पर सरलीकरण की माँग की। पूर्व मुख्य वन संरक्षक श्री ओबेरॉय का स्वागत डॉ. अग्रवाल ने किया; उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जागरूकता की कमी पर प्रकाश डाला।
ब्रिगेडियर बेल (अध्यक्ष) का स्वागत श्रीमती करुणा ओबेरॉय ने किया। उन्होंने ट्रस्ट की शिक्षा, प्रशिक्षण और सूचना-अभियानों की जानकारी दी। मेजर एम.एस. रावत ने उपभोक्ता अधिनियम में दिए गए छह मूल अधिकारों—सुरक्षा, सूचना, चयन, सुनवाई, निवारण व शिक्षा—को सरल उदाहरणों से समझाया। प्रो. पांडेय ने छात्र-उपभोक्ता के विशेष विमर्श में कोचिंग, पाठ्य-सामग्री और डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता की जरूरत बताई।
मुख्य वक्तव्य अधिवक्ता शमीम अहमद (DLSA) ने दिया। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता, उपभोक्ता फोरम की प्रक्रिया और ई-प्रमाण-संरक्षण पर व्यावहारिक टिप्स दिए। डॉ. अग्रवाल ने ट्रस्ट की निःशुल्क विधिक क्लिनिक सेवा और UERC तथा विभिन्न फोरम में दायर अभ्यावेदनों का उल्लेख किया। उनका आकलन था कि यह विषय मूलतः सरकार का है, पर जागरूकता में सरकारी उदासीनता स्पष्ट है; इसलिए नागरिक समाज को पहल करनी होगी।
वक्ताओं ने दोहराया कि सचेत उपभोक्ता ही बाजार को उत्तरदायी बनाता है। कार्यक्रम में शिक्षकों, विधि-विशेषज्ञों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं की भागीदारी रही। ट्रस्ट ने आगामी वर्ष में विद्यालय-आधारित जागरूकता मॉड्यूल, निःशुल्क क्लिनिक विस्तार और ऑनलाइन शिकायत-मार्गदर्शिका लाँच करने की घोषणा की। अंत में श्रीमती ओबेरॉय ने सभी का आभार व्यक्त किया।
