केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 पारित किए जाने की सराहना करते हुए इसे देश में समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। 31 जनवरी, 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून के प्रति भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना से ही यह संकल्प रहा है कि देश के हर नागरिक के लिए एक समान कानून हो, और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा शासित राज्य इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने खुशी जताई कि उत्तराखंड के बाद अब गुजरात ने भी यूसीसी विधेयक पारित कर अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है।
उन्होंने भूपेंद्र पटेल और इस विधेयक का समर्थन करने वाले सभी विधायकों को बधाई देते हुए कहा कि देश का संचालन तुष्टीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों के आधार पर होना चाहिए, और यही उनकी प्राथमिकता तथा संकल्प है। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी विधेयक पारित होने पर राज्य विधानसभा के सदस्यों और गुजरात के नागरिकों को बधाई दी और इसे राज्य तथा देश दोनों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
इस विधेयक के पारित होने के साथ ही गुजरात ऐसा दूसरा राज्य बन गया है जिसने धर्म या समुदाय की परवाह किए बिना विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे व्यक्तिगत कानूनों को नियंत्रित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संहिता के लागू होने से सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान व्यवस्था स्थापित होगी, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि यह विधेयक सभी धर्मों और जातियों की महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करता है, जिससे उनकी गरिमा और सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कदम सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने और राज्य में समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
