राम नवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान राम का आशीर्वाद भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जीवन मूल्यों—त्याग, तपस्या और अनुशासन—को जीवन में अपनाने की बात कही और इसे हर चुनौती का सामना करने की शक्ति का स्रोत बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम के आदर्श केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कामना की कि भगवान राम की कृपा से सभी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और देश अपने संकल्पों को सफलतापूर्वक हासिल करे।
राम नवमी का पर्व रामायण में वर्णित भगवान राम के जन्म का प्रतीक माना जाता है और यह चैत्र नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है। इस दिन को सत्य, धर्म और करुणा जैसे मूल्यों के स्मरण का विशेष अवसर माना जाता है। देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, रामायण पाठ और धार्मिक जुलूसों में भाग लिया। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भी अपनी आस्था प्रकट की।
इसी दिन प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी की भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां महागौरी के चरणों में नमन करते हुए देशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। महागौरी को देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप माना जाता है, जो पवित्रता, शांति और करुणा का प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनकी कृपा से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
