ऋषिकेश/ देहरादून: तीर्थनगरी में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। उसके पास से फर्जी भारतीय दस्तावेज और कई संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया कि पश्चिम बंगाल में उसके लिए नकली दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनवाया गया था, जिसका इस्तेमाल वह अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रही थी।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट के अनुसार, क्षेत्र में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान डग रोड स्थित गेट नंबर-03 के पास महिला को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम रीना उर्फ रीता बताया और खुद को बांग्लादेश के ढाका डिवीजन के सरियातपुर जिले की निवासी बताया।
महिला ने खुलासा किया कि वह करीब एक महीने पहले रिपोन नाम के व्यक्ति की मदद से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क किया गया था और उसे भारत में रोजगार दिलाने का लालच दिया गया। इसके बाद 13 अप्रैल को दिल्ली से ऋषिकेश आने के लिए उसे बस का टिकट भी मुहैया कराया गया।
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि महिला के लिए पहले से ही फर्जी पहचान पत्र तैयार किए गए थे, जिनमें भारतीय आधार कार्ड भी शामिल था। इन दस्तावेजों के आधार पर वह यहां रह रही थी।
पुलिस ने महिला के खिलाफ अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के सरियातपुर जिले के जजीरा थाना क्षेत्र के चोर्दुपुरिया शाकीमाली मातवर कांदी गांव की निवासी बताई गई है। उसके पास से बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, फर्जी आधार कार्ड और नागरिकता प्रमाणपत्र की छायाप्रति भी बरामद की गई है।
