देहरादून: रुड़की के माउंट लिटेरा स्कूल की छात्रा निशिता ने 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इसी स्कूल की आयशा 98.8 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। जौनसार पब्लिक स्कूल चकराता की स्वर्णिका राणा ने भी 99.2 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल टॉप किया। उन्होंने दो विषयों में 100 और दो में 99 अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
पौड़ी के बीआर मॉडर्न स्कूल के आदित्य पंत ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शहर में पहला स्थान हासिल किया। शिखर ध्यानी 97.8 प्रतिशत के साथ दूसरे और रुद्र प्रताप सिंह 97.4 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कई छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर जैसे विषयों में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अर्पिता रावत ने अंग्रेजी और प्रणव नौटियाल ने सोशल साइंस में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए। स्कूल के प्रधानाचार्य दामोदर प्रसाद ममगांई के अनुसार इस वर्ष विद्यालय का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा।
अन्य स्कूलों में भी छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। केंद्रीय विद्यालय के शिवांश बड़थ्वाल ने 96 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल में टॉप किया, जबकि नमन भंडारी और अंकित रूडोला क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। हिल्स इंटरनेशनल स्कूल में प्राची ने 94.2 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया और रितेश राणा दूसरे स्थान पर रहे।
टॉपर्स अपने भविष्य को लेकर भी स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं। आदित्य पंत सेना में अधिकारी बनने के लिए एनडीए की तैयारी करना चाहते हैं और रोजाना 4 से 5 घंटे पढ़ाई करते हैं। वहीं शिखर ध्यानी आईआईटी की तैयारी में जुट गए हैं। उनकी सफलता में परिवार के मार्गदर्शन और नियमित मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
सीमित संसाधनों के बावजूद आयुषी रानी ने टॉप-5 में स्थान बनाकर प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उनके पिता शहर में एक दुकान पर काम करते हैं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। आयुषी अब इंजीनियर बनने का सपना देख रही हैं। उनकी बड़ी बहन भी इसी स्कूल से पढ़कर टॉप-10 में जगह बना चुकी हैं और वर्तमान में बीएससी फॉरेस्ट्री की पढ़ाई कर रही हैं।
इस वर्ष देहरादून रीजन का कुल परीक्षा परिणाम 91.59 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 90.97 प्रतिशत से थोड़ा बेहतर है। हालांकि रैंकिंग में क्षेत्र 22 संभागों में 16वें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष 17 संभागों में 13वें स्थान पर था। कुल मिलाकर छात्रों के प्रदर्शन ने मेहनत, लगन और विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता हासिल करने की मजबूत मिसाल पेश की है।
