देहरादून : उत्तराखंड में पिछले करीब एक साल के भीतर मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। एक जनवरी 2025 को प्रदेश में कुल 84 लाख 29 हजार 459 मतदाता थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 79 लाख 76 हजार रह गई है। यानी करीब 4 लाख 53 हजार 459 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार यह कार्रवाई मृत्यु, विस्थापन, डुप्लीकेसी और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान के बाद की गई है।
प्रदेश में वर्ष 2003 के बाद से चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया नहीं हुई थी। ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे नाम मतदाता सूची में बने हुए थे, जिनके धारक या तो अब जीवित नहीं हैं या फिर दूसरे स्थानों पर जा चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 84 लाख 31 हजार 101 थी, जबकि छह जनवरी 2025 को जारी अंतिम सूची में यह आंकड़ा 84 लाख 29 हजार 459 दर्ज किया गया।
इस साल चुनाव आयोग ने एएसडी यानी एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ सूची पर विशेष काम किया। साथ ही डुप्लीकेसी सॉफ्टवेयर के जरिए दो जगह दर्ज नामों को हटाकर एक जगह रखा गया। इसी प्रक्रिया के बाद मतदाताओं की संख्या में यह कमी सामने आई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि मृत्यु और विस्थापन इसके मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में भी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया हुई है, इसलिए यह संभावना भी है कि कुछ मतदाता अपने मूल राज्यों में वापस चले गए हों।
प्रदेश में प्री एसआईआर के तहत बड़े पैमाने पर बीएलओ मैपिंग का कार्य भी किया गया। वर्तमान 79 लाख 76 हजार मतदाताओं में से करीब 70 लाख की मैपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन 9 लाख 76 हजार मतदाताओं का वर्ष 2003 का रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। ऐसे मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान गणना प्रपत्र दिए जाएंगे, जिनमें उन्हें 2003 के मतदान से जुड़ी जानकारी देनी होगी। यदि जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी जानकारी से संतुष्ट नहीं हुए, तो संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा। जवाब संतोषजनक न होने पर नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाता भी बनाए जाते रहेंगे। जिन लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध रहेगी।
