हमीरपुर : देर रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे मलबे में दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई। कई अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका के बीच पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
हादसा थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकंदर परसानी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैथी गांव को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल पर हुआ। गुरुवार रात करीब तीन बजे तेज आंधी और बारिश के दौरान पुल का स्लैब भरभराकर गिर गया। उस समय कई मजदूर स्लैब के नीचे और आसपास आराम कर रहे थे। अचानक हुए हादसे में मजदूर मलबे में दब गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ मजदूरों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया कि तीन मजदूर पुल के पिलर में फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए गए।
मृतकों की पहचान बांदा जनपद के चिल्ला निवासी लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), भूरागढ़ निवासी सावंत यादव (28), सभाजीत (30), हमीरपुर के स्वासा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और अचपुरा निवासी राजेश पाल (42) के रूप में हुई है।
भीषण आंधी-तूफान ने जिले के अन्य इलाकों में भी भारी तबाही मचाई। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और मकानों के टीनशेड उड़ गए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सैकड़ों पेड़ गिरने से कई मार्ग अवरुद्ध हो गए और यातायात प्रभावित रहा। तेज बारिश के कारण जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया।
इस हादसे के बाद निर्माणाधीन पुल के स्लैब के नीचे मजदूरों के ठहरने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की आशंका भी जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई यह दुर्घटना अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है।
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग की ओर से भारी आंधी और बारिश को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की गई थी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर अलर्ट भी किया गया था। उन्होंने बताया कि पुल का स्लैब रात करीब ढाई बजे गिरा, जब कुछ मजदूर बारिश से बचने के लिए उसके नीचे शरण लिए हुए थे। जिलाधिकारी के मुताबिक पुल पिछले दो वर्षों से निर्माणाधीन है और मजदूरों के लिए सभी मानक सुरक्षा उपाय लागू किए गए थे। फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
