नई दिल्ली: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और प्रशासनिक चूकों को लेकर सियासी माहौल फिर गरमा गया है। भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की मांग दोहराई है।
युवा कांग्रेस का आरोप है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवादों ने छात्रों का शिक्षा व्यवस्था और चयन प्रक्रियाओं पर से भरोसा कमजोर कर दिया है। संगठन का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों और प्रशासनिक विफलताओं के कारण लाखों छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आईवाईसी ने देशभर में विरोध प्रदर्शनों के नए चरण की घोषणा करते हुए बताया कि विभिन्न राज्यों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क अभियान, प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन के अनुसार, यह अभियान महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में चलाया जाएगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब इस अभियान का नेतृत्व करेंगे और विभिन्न राज्यों का दौरा कर छात्रों के बीच पहुंच बनाएंगे। संगठन ने परीक्षा संचालन से जुड़ी कुछ संस्थाओं को कथित रूप से संदिग्ध परिस्थितियों में ठेके दिए जाने की खबरों पर भी चिंता व्यक्त की है।
भारतीय युवा कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि देश के छात्र रोजगार, न्याय और जवाबदेही की अपेक्षा रखते हैं, लेकिन उन्हें बार-बार पेपर लीक, अनिश्चितता और कमजोर परीक्षा व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उदय भानु चिब ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान करने में विफल रही है और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने लाखों युवा अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस अब इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप से आगे बढ़ाएगी तथा शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग को लेकर अपना दबाव बनाए रखेगी।यह संस्करण समाचार पत्र और न्यूज़ पोर्टल प्रकाशन के लिए उपयुक्त शैली में तैयार किया गया है।
