नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के कारण आम लोगों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, लेकिन सरकार जनता की परेशानियों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक लाभ हासिल करने में अधिक रुचि दिखा रही है।
शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए अपने पोस्ट में खरगे ने कहा कि महंगाई के कारण लोगों की बचत तेजी से घट रही है और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना पहले की तुलना में अधिक कठिन होता जा रहा है। उनके अनुसार आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, आर्थिक असमानता और युवाओं में बढ़ता असंतोष सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि खुदरा महंगाई 16 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.78 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी महंगाई 15 प्रतिशत से अधिक है। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की घटती रुचि और युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर देश की आर्थिक स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ आम नागरिक बढ़ती लागत और घटती आय के बीच अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक समीकरण साधने और अन्य दलों के नेताओं को अपने पक्ष में लाने में लगी हुई है।
तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का अप्रत्यक्ष उल्लेख करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों को कमजोर करने और उनकी एकजुटता को तोड़ने के प्रयासों में जुटी है। उनका कहना था कि जनता जिन आर्थिक समस्याओं का सामना कर रही है, उन पर गंभीरता से काम करने के बजाय सत्तारूढ़ दल राजनीतिक प्रबंधन और दल-बदल की राजनीति में अपनी ऊर्जा खर्च कर रहा है।
