देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम के अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है।
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 27 जुलाई को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से अधिक गंभीर हो सकती है और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में भी मौसम के तेवर तल्ख रहने के आसार हैं। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने यहां बिजली चमकने, तेज गर्जना और बारिश के तेज दौर की संभावना जताई है। हालांकि इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट नहीं है, लेकिन अचानक मौसम बदलने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
मैदानी जिले हरिद्वार में भी मौसम पूरी तरह शांत रहने वाला नहीं है। यहां बिजली चमकने और तेज गर्जन की चेतावनी जारी की गई है। विभाग का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसका असर लगातार देखने को मिलेगा। एक अगस्त तक लगभग पूरे उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। खासकर पर्वतीय जिलों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों के बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क मार्ग की जानकारी अवश्य लें। यदि किसी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा चेतावनी या प्रतिबंध जारी किया जाता है तो उसका पूरी तरह पालन करें।
फिलहाल मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में सतर्कता, सावधानी और समय-समय पर जारी होने वाले मौसम अपडेट पर नजर रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।
