अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चयन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट की ओर से बताया गया है कि जितेंद्र मिश्र का चयन किसी विशेष प्रक्रिया से हटकर नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने निर्धारित चयन प्रक्रिया के सभी चरणों में हिस्सा लिया था।
ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के मुताबिक, सीईओ पद के लिए गठित खोज समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की शुरुआती छंटनी एआई आधारित स्क्रीनिंग के जरिए की गई। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने उम्मीदवारों का मैनुअल मूल्यांकन किया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 16 अभ्यर्थियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया।
चयन प्रक्रिया के तहत 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में सभी चयनित उम्मीदवारों के आमने-सामने इंटरव्यू आयोजित किए गए। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि जितेंद्र मिश्र भी इन 16 उम्मीदवारों में शामिल थे और उन्होंने इंटरव्यू में हिस्सा लिया था। उनका साक्षात्कार 11 अगस्त को पहली पाली में हुआ था।
खोज समिति ने एक सितंबर को ट्रस्ट के समक्ष अंतिम चयन के लिए नामों की सिफारिश की। ट्रस्ट के अनुसार, इस सूची में जितेंद्र मिश्र के अलावा संजय प्रताप सिंह, विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज के नाम भी शामिल थे। इसके बाद दो सितंबर को जितेंद्र मिश्र की सीईओ पद पर नियुक्ति की घोषणा की गई। ट्रस्ट का कहना है कि चयन प्रक्रिया से संबंधित सभी चरणों का रिकॉर्ड सुरक्षित है।
सीईओ के चयन को लेकर विवाद उस समय सामने आया, जब पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान को लेकर सवाल उठने लगे। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने इसी बयान का हवाला देते हुए ट्रस्ट को पत्र भेजकर नियुक्ति प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा था।
विवाद बढ़ने के बाद राजेश पांडेय ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया और उन्होंने यह नहीं कहा था कि जितेंद्र मिश्र ने सीईओ पद के लिए इंटरव्यू नहीं दिया था। इस स्पष्टीकरण के बाद ट्रस्ट की ओर से भी चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी सार्वजनिक की गई।
उधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र 21 सितंबर को फिर अयोध्या पहुंचेंगे। इससे पहले वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद दिल्ली लौटे थे।
अपने पिछले अयोध्या प्रवास के दौरान जितेंद्र मिश्र ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं से संबंधित सुविधाओं की जानकारी ली थी। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की थी। आगामी दौरे में इन व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ आगे की कार्ययोजना और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को गति देने पर ध्यान रहने की संभावना है।
