कासगंज : एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 10 दिन पहले हजारा नहर में कूदकर जान देने वाले देवर-भाभी के शव गुरुवार सुबह एटा के मिरहची थाना क्षेत्र में कुटेना गांव के पास नहर में उतराते मिले। दोनों ने कथित प्रेम संबंध और परिवार व समाज के दबाव के चलते आत्मघाती कदम उठाया था। शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों की पहचान कासगंज के मनौटा गांव निवासी कृष्णकांत (29) और उसकी भाभी प्रियंका (24) के रूप में की।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने 7 सितंबर की रात नदरई स्थित हजारा नहर में छलांग लगाई थी। इससे पहले कृष्णकांत ने रात करीब तीन बजे अपने बड़े भाई पंकज को फोन कर कहा था, “भैया, हम मां की कसम खाते हैं, हजारा नहर में कूदकर जान दे रहे हैं।” फोन पर प्रियंका के रोने की आवाज भी सुनाई दी थी। इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए।
घटना से पहले 7 सितंबर की सुबह पीआरवी-7910 को नदरई स्थित हजारा नहर के पिकनिक प्वाइंट पर एक लावारिस थैला पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने थैले की तलाशी ली तो उसमें एक पर्स, जेवर, प्रियंका की पासपोर्ट साइज फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, चार एटीएम कार्ड, महिलाओं के कपड़े और पांच हजार रुपये नकद मिले। जांच के दौरान सामान की पहचान मनौटा गांव निवासी कृष्णकांत और प्रियंका से जुड़ी होने की पुष्टि हुई।
पुलिस की जांच में सामने आया कि पंकज ने वर्ष 2021 में अपने ही गांव की प्रियंका से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों काम की तलाश में हरियाणा चले गए। मई 2025 से मई 2026 के बीच पंकज, उसकी पत्नी प्रियंका और छोटा भाई कृष्णकांत अंबाला में एक ही कमरे में रह रहे थे। इसी दौरान कृष्णकांत और प्रियंका के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई। बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की जानकारी परिवार तक पहुंची, जिसके बाद घर में विवाद शुरू हो गया।
कृष्णकांत 6 सितंबर की सुबह दवाई लेने की बात कहकर घर से निकला था। इसी दौरान पानीपत में काम करने वाला उसका बड़ा भाई पंकज रात में जब कमरे पर पहुंचा तो उसकी चार साल की बेटी अकेली मिली, जबकि प्रियंका घर से गायब थी। पंकज ने कृष्णकांत को फोन किया तो उसने बताया कि प्रियंका उसके साथ दिल्ली में है और चिंता करने की जरूरत नहीं है।
हालांकि, रात करीब तीन बजे कृष्णकांत का पंकज के पास फोन आया। उसने बताया कि वह और प्रियंका नदरई स्थित हजारा नहर पर मौजूद हैं और दोनों जान देने जा रहे हैं। प्रियंका ने भी फोन पर पंकज से माफी मांगी। पंकज ने दोनों को समझाने की कोशिश की और मैसेज कर वापस लौटने के लिए कहा, लेकिन कुछ देर बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।
इसके बाद पुलिस और पीएसी की फ्लड कंपनी ने नहर में दोनों की तलाश शुरू की। कई दिनों तक तलाश के बावजूद उनका पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे मिरहची थाना क्षेत्र के कुटेना गांव के पास ग्रामीणों ने हजारा नहर में दो शव उतराते देखे। सूचना मिलने पर मिरहची थाना प्रभारी निरीक्षक विदेश राठी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया।
शवों की पहचान कृष्णकांत और प्रियंका के रूप में हुई। थाना प्रभारी विदेश राठी के अनुसार, दोनों ने 7 सितंबर को कासगंज क्षेत्र में हजारा नहर में छलांग लगाई थी। पानी के बहाव के साथ शव बहकर मिरहची थाना क्षेत्र के कुटेना तक पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
एक ही परिवार से जुड़े दो लोगों की मौत की खबर से गांव में मातम पसरा है। घटना के बाद प्रियंका और पंकज की चार साल की मासूम बच्ची भी मां से हमेशा के लिए दूर हो गई।
