देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मंगलवार से प्रदेश के मौसम में बदलाव का दौर शुरू होने के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिलेगा और आने वाले दिनों में ठंड बढ़ सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने छह से 11 अक्तूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों के लिए बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर पर्वतीय जिलों में मौसम के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई स्थानों पर गर्जन और तेज हवाएं भी चलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि छह से आठ अक्तूबर के बीच 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद नौ से 11 अक्तूबर के बीच करीब 3800 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी के आसार हैं।
मौसम में बदलाव के बीच चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। वहीं नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी में मध्यम बारिश के साथ तेज गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर बढ़ेगा। अगले कुछ दिनों में मौसम के इसी तरह सक्रिय रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

