मेरठ : शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार सुबह आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई से हड़कंप मच गया। 44 सील भवनों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उनके मूल स्वरूप में लाने की प्रक्रिया के तहत भारी पुलिस बल और बुलडोजर तैनात किए गए। सुबह नौ बजे शुरू हुई कार्रवाई में छह भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर इकट्ठा हो गए, जबकि कई दुकानदार अपनी दुकानों से सामान निकालते नजर आए।
सेंट्रल मार्केट और आसपास के शास्त्री नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विभिन्न चौराहों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र को सील किए जाने के कारण आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी पुलिस ने रास्ते में रोक दिया, जिसके चलते कई बच्चे स्कूल नहीं जा सके। बाजार में कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और दुकानदारों में चिंता का माहौल बना रहा।
मामला आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद ने सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों के भीतर बनाए गए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई की दुकान, ज्वैलरी शोरूम, डेयरी और सैलून समेत अन्य प्रतिष्ठानों को सील कर दिया था। इसके बाद इन संपत्तियों के संबंध में आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
बताया गया कि 14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने सेंट्रल मार्केट की इन सभी 44 संपत्तियों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। आदेश के अनुपालन में आवास एवं विकास परिषद की ओर से संपत्तियों का सर्वे कराया गया। सर्वे के बाद संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर भवनों के ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में दी गई समयसीमा काफी पहले समाप्त हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई अब बुधवार को शुरू की गई।
21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट से जुड़े मामले की सुनवाई होनी है। इस दौरान आवास एवं विकास परिषद को न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी के मद्देनजर परिषद की टीम ने बुधवार सुबह से ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर लगाए गए और सील किए गए भवनों को तोड़ने का काम शुरू किया गया। सुबह नौ बजे कार्रवाई शुरू होने के बाद छह भवनों को ध्वस्त किए जाने की जानकारी सामने आई।
कार्रवाई की भनक लगते ही सेंट्रल मार्केट के व्यापारी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कई दुकानदार अपनी दुकानों से सामान निकालने में जुटे रहे, ताकि ध्वस्तीकरण के दौरान उनका सामान क्षतिग्रस्त न हो। बाजार में मौजूद व्यापारियों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही। पुलिस और प्रशासन की ओर से क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
पूरे सेंट्रल मार्केट और शास्त्री नगर के प्रमुख रास्तों पर पुलिस की तैनाती के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोके जाने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। बाजार के आसपास आवाजाही सीमित कर दी गई, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हुई।
ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान मीडिया कर्मियों की एंट्री पर भी रोक लगाए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों का हवाला देकर पत्रकारों को लगातार अंदर जाने से रोका गया। इतना ही नहीं, कार्रवाई की वीडियोग्राफी करने से भी मीडिया कर्मियों को मना किया गया। इसके चलते मौके पर चल रही कार्रवाई की कवरेज प्रभावित हुई। पुलिस और प्रशासन की ओर से मीडिया प्रवेश पर रोक के संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
सेंट्रल मार्केट में चल रही यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन से जुड़ी है। 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले 44 सील भवनों के संबंध में कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार की जानी है। बुधवार को इनमें से छह भवनों को ध्वस्त किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की नजरें प्रशासन एवं आवास एवं विकास परिषद के अगले कदम पर टिकी हैं।
