देहरादून : दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच त्वरित और प्रभावी रेस्क्यू ऑपरेशनों के कारण उत्तराखंड एसडीआरएफ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। चमोली जनपद के माउंट चौखंबा, बदरीनाथ के वसुधारा क्षेत्र और गंगोत्री जैसे कठिन इलाकों में फंसे विदेशी ट्रैकर्स को सुरक्षित बाहर निकालकर एसडीआरएफ ने अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय दिया है।
हाल के महीनों में एसडीआरएफ द्वारा संचालित कई सफल रेस्क्यू अभियानों में दो विदेशी महिला ट्रैकर्स समेत अन्य विदेशी नागरिकों की जान बचाई गई। खराब मौसम, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने साहस, समन्वय और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
इन अभियानों की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है। सेनानायक अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए अमेरिकी दूतावास ने उत्तराखंड एसडीआरएफ को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह सम्मान एसडीआरएफ की कार्यकुशलता और समर्पण का प्रमाण माना जा रहा है।
एसडीआरएफ अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बल के जवानों का मनोबल और अधिक बढ़ेगा। भविष्य में आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू कार्यों को और बेहतर ढंग से अंजाम देने के लिए यह सम्मान एक नई प्रेरणा का काम करेगा।उत्तराखंड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य में एसडीआरएफ अब न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए भी भरोसे का मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है।
