लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पेपर लीक के मामलों और राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उनका कहना था कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। यादव ने कहा कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य सख्त कदम किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही सरकार के विकास और सुशासन के दावों की वास्तविक तस्वीर है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री को निशाने पर लेते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका आरोप था कि राजनीतिक कारणों से इस्तीफे की मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में शायद ही किसी सरकार के कार्यकाल में युवाओं को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा हो।
उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों के साथ बैठक कर इलाज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले थे।
गौरतलब है कि सोमवार को संसद की ओर बढ़ रहे CJP के विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना सामने आई है।
